मेरी यात्रा - भारत की ज्ञान की यात्रा
उत्तर प्रदेश
धार्मिक स्थल
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) में स्थित विश्वनाथ मंदिर हिंदू धर्म का सबसे प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि काशी भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी है और यहाँ प्राण त्यागने वाले को सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगा के तट पर स्थित यह ज्योतिर्लिंग सदियों से ज्ञान और आध्यात्मिकता का प्रकाश फैला रहा है।
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश):
प्रयागराज को 'तीर्थराज' या तीर्थों का राजा कहा जाता है। यहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी का पावन संगम होता है,
जिसे त्रिवेणी संगम कहते हैं। प्रयागराज का कुंभ अपनी भव्यता और विशालता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ माघ के महीने में कल्पवास
की परंपरा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहाँ श्रद्धालु महीने भर कठिन संयम के साथ नदी किनारे निवास करते हैं।
अयोध्या (Ayodhya):
अयोध्या सरयू नदी के तट पर बसी मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की जन्मस्थली है। इसे सप्तपुरियों में प्रथम स्थान प्राप्त
है
और यह प्राचीन इक्ष्वाकु वंश की राजधानी रही है। राम जन्मभूमि मंदिर के साथ-साथ यहाँ के पौराणिक घाट और मंदिर भक्तों को
शांति और अटूट भक्ति का अनुभव कराते हैं। यह नगरी सनातन धर्म में त्याग, धर्म और आदर्श जीवन का प्रतीक मानी जाती है।
मथुरा (Mathura):
यमुना नदी के किनारे स्थित मथुरा भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली के रूप में विश्वभर में पूजनीय है। यह प्राचीन नगरी
ब्रज
संस्कृति का हृदय है, जहाँ कण-कण में कान्हा की लीलाओं का वास माना जाता है। यहाँ का श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर और
विश्राम
घाट आध्यात्मिक ऊर्जा के मुख्य केंद्र हैं। मथुरा की गलियाँ और यहाँ का वातावरण आज भी प्रेम और भक्ति के रस में डूबा हुआ
प्रतीत होता है।
काशी (Varanasi):
विश्व के सबसे प्राचीन जीवित शहरों में से एक, काशी (वाराणसी) भगवान शिव की नगरी है। गंगा के तट पर स्थित यह नगरी
मोक्षदायिनी मानी जाती है; ऐसी मान्यता है कि यहाँ प्राण त्यागने से जीव जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है। बाबा
विश्वनाथ का मंदिर, यहाँ के 84 घाट और संध्या समय की आध्यात्मिक गूँज इसे ज्ञान और वैराग्य का सबसे बड़ा केंद्र बनाती
है।