मेरी यात्रा - भारत की ज्ञान की यात्रा
महाराष्ट्र
धार्मिक स्थल
भीमशंकर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र):
महाराष्ट्र के पुणे के पास सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में स्थित भीमशंकर ज्योतिर्लिंग भीमा नदी का उद्गम स्थल भी है। इस ज्योतिर्लिंग का संबंध त्रिपुरासुर राक्षस के वध से है। घने जंगलों और प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्थित यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और आध्यात्मिक शांति के लिए जाना जाता है।
त्रयम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र):
नासिक के पास स्थित त्रयम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग की विशेषता यह है कि यहाँ के लिंग में तीन छोटे लिंग हैं, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) के प्रतीक माने जाते हैं। यहीं से दक्षिण भारत की पवित्र नदी गोदावरी का उद्गम होता है। गौतम ऋषि की प्रार्थना पर भगवान शिव यहाँ ज्योति स्वरूप में स्थापित हुए थे।
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र):
महाराष्ट्र के औरंगाबाद (संभाजीनगर) में एलोरा की गुफाओं के पास स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग बारहवां और अंतिम ज्योतिर्लिंग है। इसका संबंध एक महान शिव भक्त 'घुश्मा' से है। यह मंदिर लाल पत्थरों से बना है और अपनी शांतिपूर्ण ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ दर्शन करने से पारिवारिक सुख और संतान सुख की प्राप्ति मानी जाती है।
नासिक (महाराष्ट्र):
महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेला गोदावरी नदी के तट पर आयोजित होता है। इसे 'दक्षिण गंगा' भी कहा जाता है। नासिक में कुंभ
का मुख्य केंद्र त्र्यंबकेश्वर है, जो 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। भगवान राम के वनवास काल से जुड़े होने के कारण नासिक
के पंचवटी क्षेत्र का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। यहाँ स्नान करने से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलने का विश्वास व्यक्त
किया जाता है।